Monday, 5 December 2016

परीक्षा के समय ध्यान रखने वाली महत्वपूर्ण बातें
प्रस्तुत : डॉ एस. के. नायक
वरिष्ठ सहायक प्रोफेसर, मनोविज्ञान विभाग
जे. आर. एच. यू. चित्रकूट
तिथि 01/12/2016

विद्यर्थियों के लिए परीक्षा एक महत्वपूर्ण कड़ी होती है। और सभी चाहते हैं कि वे परीक्षा अच्छे से लिख सके। परंतु अक्सर वे परीक्षा के पहले और परीक्षा के समय अत्यधिक घबराहट या तनाव में रहते हैं जिसके कारण कई बार सही अच्छी तैयारी होने के बावजूद भी गलत उत्तर लिख कर चले आते हैं। और बाद में जब पता चलता है तो उन्हें पछतावा होने के साथ साथ अपने आप पर झुझलाहट भी होता है। आइये जानते हैं कुछ ऐसे उपाय जिसे अपनाकर इन पर नियंत्रण पा सकते हैं।
1. सिलेबस के अनुसार महत्वपूर्ण बिन्दुओं को क्रम से अलग नोटबुक में लिख कर रखें और इसे बीच बीच में दुहराते रहे।
2. कठिन बिंदुओं के बारे में अपने टीचर या मित्रों से डिसकस करें।
3. कई सारे बिंदुओं को याद रखने के लिए उनके पहले अक्षरों को मिलाकर अक्रोनिम बनाकर याद करें।
4. पढाई करते समय 30 - 40 मिनट के अंतराल पर 5 मिनट का रेस्ट लें। इससे याद किये गए तथ्यों को मष्तिस्क में दृढ़ होने का मौका मिलेगा।
5. देर रात तक जागकर न पढ़े बल्कि सुबह जल्दी उठकर फ्रेश होकर पढ़ने की आदत विकसित करें। देर रात तक जागने से स्वास्थ्य और यादास्त पर बुरा असर पड़ता है।
6. एक समय में एक टॉपिक को लक्ष्य बनाकर तैयारी करें। एक से अधिक कार्य करने से ध्यान बंट जाता है और आप एकाग्रचित होकर नहीं पढ़ पाते हैं।
7. पढ़ते समय सभी डिस्टर्बिंग एलिमेंट जैसे मोबाइल, टीवी, शोरगुल, अतिरिक्त ध्यान बटाने वाली चीजें बंद कर अपने से दूर रखें।
8. खाली समय में मन ही मन रिवीजन करें।
9. ज्यादा घबराहट या तनाव महसूस हो तो 10-15 बार धीरे धीरे गहरी सांस ले और धीरे धीरे छोड़े और मन हो मन यह दुहराये की आप तनावमुक्त महसूस कर रहे है।
10. अपने आत्मविस्वास को कम न करें । स्वयं पर भरोसा रखें
11. अपनी तैयारी या ज्ञान की तुलना दूसरे से कभी न करें। इससे आपको अनावश्यक तनाव होगा।
12. इस दौरान खानपान और स्वास्थ्य का भी ध्यान अवश्य रखें। संतुलित और पौष्टिक आहार ले।
13. मानसिक थकान और ऊब को दूर करने के लिए थोड़ाबहुत मनोरंजन भी करें जैसे मधुर संगीत सुनना, दोस्तों से बात करना, टहलना, आदि।
15. चाय या कॉफी का कम सेवन करें।
16. यादास्त बढ़ाने वाली किसी दवा का सेवन न करें। ऐसी दवाइयां डिमेंशिया या अल्ज़िम्मेर के रोगियों के लिए होती है जो की एक न्यूरो डिजनरेशन के कारण उत्पन्न होने वाली बीमारी है।
17. याद रखें कोई भी व्यक्ति पूर्ण नहीं होता है। कमियां सभी में है। इसलिए अपने अंदर हीन भावना विकसित न होने दे।
18. ऐसे समय में अपने शुभचिंतको से कभी कभी बात किया करें। उनकी बातें आपके मनोबल को बढ़ायेगी। नकारात्मक बातों से दूर रहें।

जरूर शेयर करें।

No comments:

Post a Comment